Tuesday, October 20th, 2026

दवा घोटाले में कई अधिकारी व कर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में, आज फिर होगा बयान

 लखनऊ 
लखनऊ पीजीआई में लाखों रुपये के दवा घोटाले में कुछ स्थायी अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। संस्थान निदेशक के निर्देश पर गठित कमेटी सोमवार को इनके नए सिरे से बयान लेगी। रविवार को फर्जीवाड़े से जुड़ी फाइलें और मरीजों के पर्चे खंगाले गए। नवीन ओपीडी की फर्मेसी में लगे कम्प्यूटर से दवा के वितरण और भुगतान का पूरा ब्याेरा निकाला गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीजीआई प्रशासन ने आठ संविदा कर्मियों को संस्थान के भीतर प्रवेश पर रोक लगा दी है। वही संस्थान प्रशासन घोटाला रोकने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था शुरू करने की योजना बना रहा है ताकि फर्जी पर अंकुश लगाया जा सके।

संस्थान प्रशासन फर्मेसी का काम देख रहे कुछ  कर्मचारियों व अधिकारियों के कंप्यूटर पर कमेटी की नजर है। इसकी पड़ताल कर रही है। ओपीडी फार्मेसी, वार्ड, ओटी, एचआरएफ काउंटर पर काम करने वाले डाटा एंट्री आपरेट, मैसेंजर( दवा पहुंचाने वाले) की निगरानी के लिए प्रभारी रखे गए हैं। इन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। बिना इनकी सहमति के कोई भी हेर-फेर नहीं हो सकता। 

 

#दवा घोटाले

Source : Agency

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